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मेरठ में गंगानगर थाना क्षेत्र के ईशापुरम में शनिवार सुबह अधिवक्ता परिषद मेरठ के महामंत्री ओमकार सिंह तोमर 50ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली

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यूपी के मेरठ में गंगानगर थाना क्षेत्र के ईशापुरम में शनिवार सुबह अधिवक्ता परिषद मेरठ के महामंत्री ओमकार सिंह तोमर (50) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आरोप है कि बेटे के दहेज एक्ट के केस से वह परेशान थे। हसितनापुर से भाजपा विधायक दिनेश खटीक समेत 14 के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ है। इससे पहले वकीलों ने थाने पर करीब 10 घंटे तक हंगामा किया और मेरठ-पौड़ी हाईवे पर जाम लगा दिया।

अधिवक्ता ओमकार सिंह तोमर के बेटे दिव्येश ने गंगानगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। एफआईआर के अनुसार, बड़े भाई लव कुमार की शादी 28 फरवरी 2020 को खतौली निवासी स्वाति से हुई थी। विवाद होने पर स्वाति के पिता राजकुमार ने पिछले दिनों अधिवक्ता के पूरे परिवार पर दहेज एक्ट का केस खतौली थाने में दर्ज करा दिया। दिव्येश के अनुसार, 7 फरवरी को भाजपा विधायक दिनेश खटीक के गांव रजपुरा स्थित फार्म हाउस पर पंचायत हुई। इसमें दोनों पक्ष मौजूद रहे।

आरोप है कि ससुराल पक्ष एवं विधायक ने अधिवक्ता पर समझौते के रूप में 15 लाख रुपये देने का दबाव बनाया। विधायक पर आरोप है कि उन्होंने अधिवक्ता को फोन पर भी धमकाते हुए एक और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। इससे क्षुब्ध होकर अधिवक्ता ओमकार सिंह तोमर ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। एसपी देहात केशव कुमार ने बताया कि अधिवक्ता के परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। केस की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

वकील के आत्महत्या मामले में दर्ज मुकदमे को लेकर हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक ने कहा कि मुझ पर लगाए गए सारे आरोप निराधार और राजनीति से प्रेरित हैं। मेरी संवेदना पीड़ित परिवार के साथ है। मैंने किसी प्रकार की पंचायत नहीं कराई और न ही दबाव डलवाया। मेरे पास लड़का पक्ष के लोग ही आए थे। लड़की पक्ष का तो मुजफ्फरनगर में मुकदमा दर्ज है। यह सारा मामला योगेश वर्मा और अतुल प्रधान ने डायवर्ट कराया है। लड़का पक्ष अतुल प्रधान का रिश्तेदार है। लड़के पक्ष को लेकर अधिवक्ता परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी आए थे। उन्होंने ही मदद करने को कहा था। मैंने मदद की थी। समझौते का कोई दबाव नहीं बनाया। दबाव बनाने का आरोप निराधार है। इसके बावजूद मेरी पूरी संवेदना पीड़ित परिवार के साथ है और रहेगी। राजनीतिक षडयंत्र के तहत चुनावी लाभ के लिए यह सब कराया गया है। धरना, प्रदर्शन भी उन्हीं लोगों ने किया है। मैं किसी भी जांच के लिए तैयार हूं। पुलिस भी मामले की निष्पक्ष जांच करे। इशाकत खान पत्रकार

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