Mon. Jan 25th, 2021

इंडिया सावधान न्यूज़

राष्ट्र की तरक्की में सहयोग

सरकार से बातचीत से पहले किसानों ने याद दिलाया एजेंडा, कृषि समेत बिजली कानून वापस लेने पर अड़े

1 min read

सरकार से बातचीत से पहले किसानों ने याद दिलाया एजेंडा, कृषि समेत बिजली कानून वापस लेने पर अड़े

किसानों और केंद्र सरकार के बीच 7वें दौर की बातचीत बुधवार यानि 30 दिसंबर को होनी है. किसानों से बातचीत से पहले ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इस बीच संयुक्त किसान मोर्चा ने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय को चिट्ठी लिखी है.

संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने के साथ कुछ मांगों को लेकर चिट्ठी लिखी है. इसमें कहा गया है कि 30 दिसंबर को दोपहर 2:00 बजे वार्ता का निमंत्रण हमें स्वीकार है. बैठक के लिए हमारे द्वारा भेजे प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए धन्यवाद.

क्या है मांग?

1. तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग.

2. सभी किसानों और कृषि वस्तुओं के लिए राष्ट्रीय किसान आयोग द्वारा सुझाए लाभदायक एमएसपी पर खरीद की कानूनी गारंटी देने की प्रक्रिया और प्रावधान तय किया जाए.

3. “राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग अध्यादेश2020” में ऐसे संशोधन हों जो अध्यादेश के दंड प्रावधानों से किसानों को बाहर करने के लिए जरूरी हैं.

4. किसानों के हितों की रक्षा के लिए ‘विद्युत संशोधन विधेयक 2020’ के मसौदे को वापस लेने की प्रक्रिया.

संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि प्रासंगिक मुद्दों के तर्कपूर्ण समाधान के लिए जरूरी होगा कि हमारी वार्ता इसी एजेंडा के अनुसार चले. बता दें कि अब तक सरकार और किसानों के बीच 6 राउंड की चर्चा हो चुकी है, लेकिन कोई निर्णय नहीं निकला. अब एक बार फिर दोनों पक्ष बातचीत की टेबल पर आए हैं, ऐसे में उम्मीदें बरकरार हैं. दूसरी ओर किसानों ने आंदोलन तेज किया है, नए साल तक देश के अलग-अलग हिस्सों में किसान संगठन सभाएं करेंगे( पत्रकार इशाकत खान)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *