Sat. May 15th, 2021

इंडिया सावधान न्यूज़

राष्ट्र की तरक्की में सहयोग

यूपी उन्नाव एक बार फिर सन्न है ! उन्हें क्यों मारा गया

1 min read

उत्तर प्रदेश उन्नाव एक बार फिर सन्न है ! उन्हें क्यों मारा गया ज़िले के एक खेत में बुधवार को तीन लड़कियां बेसुध हालत में पड़ी मिलीं थी. उन्हें अस्पताल ले जाया जाता है, लेकिन तब तक दो लड़कियों की मौत हो चुकी थी. अब सवाल ये था कि आखिर इन लड़कियों के साथ क्या हुआ था? क्या किसी ने इन पर कातिलाना हमला किया था? क्योंकि गांववालों के मुताबिक तीनों लड़कियों के हाथ पांव बंधे हुए थे. हालांकि दूसरी खबर ये भी थी कि तीनों लड़कियों को जहर दिया गया था. अब एक सवाल ये भी है कि किसी ने उन्हें जहर दिया था या फिर उन्होंने जहर खाया था. साफ लफ्जों में कहें तो ये मामला कत्ल और खुदकुशी के बीच फंसा हुआ है. अब इसी को लेकर पुलिस छानबीन कर रही है.

उन्हें क्यों मारा गया? उन्हें कैसे मारा गया? उन्हें किसने मारा? उनका कसूर क्या था? ना ये किसी को पता है. ना कोई अब तक पता लगा पाया है. पुलिस लगी हुई है. प्रशासन मुस्तैद है. मगर हाथ अभी भी खाली हैं. यूपी का उन्नाव एक बार फिर सन्न है. किसी को समझ नहीं आ रहा कि आखिर ये हो क्या गया. दो बहनें और बुआ खेत में मिलीं. यानी तीन लड़कियां. हाथ-पैर बंधे थे. मुंह से झाग निकल रहा था. दो ने दम तोड़ दिया. बाकी बची एक नाबालिग मौत से जंग लड़ रही हैं. मगर उसकी भी हालत नाज़ुक है. तीनों की उम्र भी महज 13, 16 साल और 17 साल है.

दरअसल घटना उन्नाव के असोहा थाना इलाक़े की है. मजरा बबुरहा गांव में बुधवार रात खेतों में तीनों लड़कियां बेहद नाज़ुक हालत में मिलीं. घरवालों के मुताबिक दोपहर तीन बजे तीनों चारों लेने गई थीं. लेकिन जब सात बजे तक नहीं लौटीं तो घर वाले उन्हें ढूंढ़ने निकले. काफी खोजबीन और तलाश के बाद तीनों बेहद ज़ख्मी हालत में खेत में पड़ी मिलीं. घरवालों के मुताबिक तीनों के हाथ-पैर बंधे थे और वे बेहोशी के आलम में थीं. मुंह से झाग निकल रहा था. आनन-फानन में तीनों को नज़दीक के अस्पताल में ले जाया गया. जहां उनमें से दो की मौत हो गई. तीनों में से एक की हालत फिलहाल नाज़ुक है. जिसे पहले कानपुर के हैलेट अस्पताल ले जाया गया. लेकिन हालात में सुधार न होने पर एक प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है.

इतनी बड़ी वारदात के बाद कानपुर से लेकर लखनऊ तक का प्रशासन हरकत में आ गया. एसपी, आईजी से लेकर एडीजी तक तमाम बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे. डीएम ने देर रात लड़कियों के घरवालों से मुलाकात की और फिलहाल गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है. लेकिन लड़कियों पर हुए इस हमले का राज़ अब भी जस का तस है.

परिवार के मुताबिक दोपहर 3 बजे तीन नाबालिग लड़कियां जिनमें दो बहनें अपनी बुआ के साथ खेत में चारा काटने गईं थी. लेकिन शाम 6 बजे तक घर वापस नहीं लौटीं. शाम 6 बजे किसी गांव वाले ने परिवार को फोन किया. फोन करने वाले ने बताया कि उनके परिवार की तीनों लड़कियां खेत में बेसुध पड़ी हुईं हैं. खबर मिलते ही घरवाले खेत की तरफ भागे. उनके मुताबिक तीनों लड़कियां एक के ऊपर एक पड़ी थीं.

तीनों लड़कियों के कपड़े सही सलामत थे. लड़की के पिता उनके साथ जबरदस्ती से इनकार कर रहे हैं लेकिन तीनों की हालत देखकर उनती हत्या का शक जता रहे हैं. आनन फानन में तीनों को असोहा के अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टरों ने दो लड़कियों को मृत घोषित कर दिया. तीसरी लड़की की हालत गंभीर है और उसका इलाज कानपुर के निजी रीजेंसी अस्पताल में चल रहा है. भर्ती कराए जाते वक्त लड़की की सांस उखड़ रही थी और मुंह से झाग आ रहा है. पहली नजर में जहर दिए जाने का शक था.

दोनों मृतक लड़कियों की शुरूआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ज़हरीला पदार्थ मिलने की पुष्टि हुई है. पुलिस को अब ये गुत्थी सुलझानी है कि ये हत्या है या खुदकुशी? खुदकुशी है तो आखिर इन लड़कियों ने ऐसा कदम क्यों उठाया और हत्या है तो इसके पीछे कौन है? खुदकुशी का शक मुंह से निकलते झाग को देखकर पैदा हुआ. लेकिन परिवार के मुताबिक लड़कियों के पास ऐसा करने की कोई वजह नहीं थी.

लेकिन मतृक लड़कियों की भाभी सीबीआई जांच की मांग कर रही है. दूसरी तरफ वो पुलिस की जांच को भी सही ठहरा रही है. तीनों लड़कियों के परिवार वालों के बयानों में विरोधाभास तब सामने आया जब मृतक लड़की के पिता ने कहा कि उनके हाथ बंधे थे. तो उनकी भाभी ने ही कहा कि ऐसा नहीं था. पुलिस के मुताबिक इस विरोधाभास की वजह ये हो सकती है कि जब पिता ने लड़कियों को देखा और जब तक उनकी मां पहुंची तब तक किसी ने हाथ-पैर खोल दिए होंगे. बहरहाल पुलिस सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *