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यूपी उन्नाव कांड में बबुरहा गांव से ग्राउंड रिपोर्ट

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यूपी उन्नाव कांड में बबुरहा गांव से ग्राउंड रिपोर्ट

उन्नाव जिले के आखिरी छोर पर बसा बबुरहा गांव अचानक सुर्खियों में आ गया है। बीते बुधवार की रात यहां एक दलित परिवार की दो नाबालिग लड़कियों के शव खेत में मिले थे, जबकि तीसरी लड़की की हालत बेहद नाजुक है।

दरअसल बबुरहा गांव में काजल, कोमल और रोशनी संदेहास्पद परिस्थितियों में खेत में मिली थीं। काजल और कोमल की मौत हो गई है। रोशनी की हालत नाजुक है। काजल के पिता ने घटना के 18 घंटे बाद असोहा थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। उन्नाव की असोहा पुलिस अब पहले से ज्यादा एक्टिव नजर आ रही है। थाने से 1 किमी दूर बबुरहा गांव की ओर मुड़ने वाले रास्ते पर 6 से ज्यादा पुलिस वाले बैरियर के पास खड़े हैं और आने-जाने वाले से पूछताछ कर रहे हैं। यहीं से एक किलोमीटर दूर बबुरहा गांव में बाहर से पुलिस और मीडिया का जमावड़ा दिखाई पड़ता है। करीब 100 मीटर अंदर वो परिवार है, जिसने दो लड़कियों को खो दिया। यहां पुलिस बैरिकेडिंग तो है, पर आने-जाने पर रोक-टोक नहीं है।

कोमल की मां घर के बाहर रिश्तेदारों के साथ बैठी हैं। कुछ नेता भी उन्हें दिलासा दे रहे हैं। वो कहती हैं ना जाने लड़कियों के साथ क्या हुआ? पर पुलिस वाले हमारे ही घरवालों को थाने लेकर चले गए हैं। हम चाहते हैं कि उन्हें छोड़ दिया जाए। कोमल की बुआ कहती हैं घर में फोन नहीं है। जब मुझे रात में खबर मिली तो हम सुबह पहुंचे। इस घर पर भी पुलिस वालों का पहरा है। परिजनों से क्या बात हो रही है, इस पर भी नजर रख रहे हैं। घरवालों को इस बात पर ऐतराज है।

वहीं कोमल के घर से मात्र १०० मीटर की दूरी पर काजल के घर के सामने 12-15 पुलिसकर्मी अपने असलहों और डंडों के साथ तैनात हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बना यह एक कमरे का घर है। बगल में कच्चे मकान पर झोपड़ी बनी हुई है। काजल की मां बिटौल बेसुध अवस्था में अपनी किसी रिश्तेदार की गोद में पड़ी हुई हैं। बात-बात पर फफक कर रो पड़ती हैं। कहती हैं कि मेरी बिटिया चली गई और मेरे बेटे कल्लू (25) को भी पुलिस वाले थाने ले गए हैं। उसके साथ दस साल के ललित को भी पुलिस ले गई है। ये बातें होते ही महिला पुलिस सब इंस्पेक्टर बीच में टोकते हुए बोलती है कि पंचनामा के लिए ले गए हैं, पर जब ये सवाल होता है कि रात में ही क्यों ले गए तो पुलिस अफसर चुप हो जाती हैं।

जीवित बची रोशनी का इलाज कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में चल रहा है, लेकिन उसकी हालत इतनी खराब है कि वह कुछ भी बता पाने में असमर्थ है। मायूसी भरे माहौल में उसकी मां अपने घर से कहीं बाहर जाने की तैयारी में हैं। रोशनी की मां ने कहा कि बिटिया कल से हॉस्पिटल में एडमिट है। कुछ पता नहीं चल पा रहा है कि उसे क्या हुआ है?

बबुरहा में नीला गमछा डाले हुए भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी घूम रहे हैं तो कांग्रेस के नेता भी पहुंचे हैं। कह रहे हैं कि जल्द ही प्रियंका गांधी मिलने आएंगी। इस बीच, काजल के घर के सामने कभी-कभी प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी हो रही है।

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