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अब दिल्ली के प्रशासक उपराज्यपाल ही होंगे. बीते दिनों ही केंद्र ने संसद में जीएनटीसीडी एक्ट को पास किया था. इसके बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस पर मुहर लगा दी थी.

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अब दिल्ली के प्रशासक उपराज्यपाल ही होंगे. बीते दिनों ही केंद्र ने संसद में जीएनटीसीडी एक्ट को पास किया था. इसके बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस पर मुहर लगा दी थी.

केंद्र सरकार ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन (संशोधन) कानून 2021 यानी जीएनटीसीडी एक्ट की अधिसूचना जारी कर दी है. अब दिल्ली के प्रशासक उपराज्यपाल ही होंगे. बीते दिनों ही केंद्र ने संसद में जीएनटीसीडी एक्ट को पास किया था. इसके बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस पर मुहर लगा दी थी.

गृह मंत्रालय द्वारा अधिसूचना में बुधवार को कहा गया है, ‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सरकार (संशोधन) अधिनियम, 2021, 27 अप्रैल से अधिसूचित किया जाता है.’ अब दिल्ली में अब उपराज्यपाल (एलजी) की मंजूरी के बिना कार्यकारी कोई कदम नहीं उठाया जा सकेगा. इस एक्ट का केजरीवाल सरकार पहले से ही विरोध कर रही है.

जीएनटीसीडी एक्ट के मुताबिक, अब सरकार को उपराज्यपाल के पास विधायी प्रस्ताव कम से कम 15 दिन पहले और प्रशासनिक प्रस्ताव कम से कम 7 दिन पहले भेजने होंगे. दिल्ली विधानसभा में पारित विधान के परिप्रेक्ष्य में सरकार का आशय दिल्ली के उपराज्यपाल से होगा. सरकार को किसी भी कार्यकारी कदम से पहले उपराज्यपाल की सलाह लेनी पड़ेगी. 

राज्यसभा में जीएनटीसीडी एक्ट पास होने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि ये दिल्ली की जनता का अपमान है. वहीं, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा था, ‘आज लोकतंत्र के लिए एक काला दिन है.’ उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए दुखद दिन करार दिया था.

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