Thu. Jun 17th, 2021

इंडिया सावधान न्यूज़

राष्ट्र की तरक्की में सहयोग

स्पीकर चुनाव में महागठबंधन को मिला ओवैसी का साथ, एनडीए के पक्ष में 126 वोट

1 min read

बिहार विधानसभा अध्यक्ष पद के चुनाव में एनडीए की ओर से बीजेपी विधायक विजय कुमार सिन्हा विजय रहे. स्पीकर के लिए चुनाव में महागठबंधन की ओर से उतरे आरजेडी विधायक अवध बिहारी चौधरी भले ही मात गए है, लेकिन तेजस्वी यादव विपक्ष को एकजुट करने में सफल रहे हैं. असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी विधायकों से लेकर बसपा के एकलौते विधायक तक ने महागठबंधन के प्रत्याशी के पक्ष में वोट किया है.

स्पीकर के चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार को 126 और महागठबंधन को 114 वोट मिले हैं. नतीजों के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने स्पीकर विजय सिन्हा को उनकी कुर्सी तक पहुंचाया और बधाई दी. बिहार में ऐसा पांच दशक के बाद हुआ है, जब स्पीकर पद के लिए चुनाव हुआ हो.

स्पीकर के लिए सर्वसम्मति से चयन न होने के चलते सभी की नजर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन विधायक के ऊपर थी. एआईएमएम के पांच विधायक जीतकर आए हैं, स्पीकर के चुनाव में उनके वोट देने के लेकर लोगों की नजर थी.

एआईएमएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तारुल इमान ने मंगलवार को कहा था कि हम तीसरा मोर्चा हैं. ऐसे में उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि सत्ता पक्ष को अध्यक्ष का पद और विपक्ष को विधानसभा का उपाध्यक्ष का पद दिया जाना चाहिए. हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट तौर पर नहीं कहा कि किसे वोट देंगे.

विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए बुधवार को वोटिंग हुई है, जिसमें एनडीए प्रत्याशी विजय सिन्हा को 126 वोट मिले हैं. एनडीए को 126 विधायकों के समर्थन पहले से ही हासिल था, जिनमें बीजेपी के 74, जेडीयू के 43, हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के 4, वीआईपी के चार और एक निर्दलीय विधायक शामिल हैं. माना जा रहा है कि एनडीए के इन्हीं 126 विधायकों का वोट स्पीकर विजय कुमार सिन्हा को मिला है.

वहीं, महागठबंधन के 110 विधायक जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं, जिनमें आरजेडी के 75, कांग्रेस के 19 और वामपंथी दलों के 16 विधायक शामिल है. स्पीकर के चुनाव में महागठबंधन के प्रत्याशी अवध बिहारी चौधरी को 114 वोट मिले हैं. महागठबंधन के 110 विधायकों में से अनंत सिंह और अमरजीत कुशवाहा तो विधानसभा सदस्य की शपथ ही नहीं ले सके हैं. ऐसे में महागठबंधन के 108 विधायक को वोट मिला है, इसके अलावा छह वोट अतिरिक्त मिले हैं. इनमें 5 एआईएमएम विधायकों का समर्थन मिला है और एक बसपा से जीते विधायक का है. इस तरह से 114 विधायक का समर्थन अवध बिहारी चौधरी को मिले हैं.

स्पीकर का चुनाव अवध बिहारी चौधरी भले ही हार गए हैं, लेकिन तेजस्वी ने उन्हें उतारकर नीतीश कुमार सरकार को एक संदेश जरूर ही दे दिया है कि विपक्ष उनके नेतृत्व में पूरी तरह से उनके साथ एकजुट है. ऐसे में साफ है कि विपक्ष सदन में नीतीश कुमार की सरकार को घेरने से पीछे नहीं हटेगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *